Tuesday, December 29, 2015

हिन्दू महासभा और साधु-संतों नें आजम खान का पूतला फूंका


कुरान पर प्रतिबंध और कमलेश तिवारी की रिहाई के लिए जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन



                नई दिल्ली, अखिल भारत हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं और साधु संतों ने गत दिनों जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान का पूतला फूंका । प्रदर्शनकारी लूट, हिंसा, हत्या, जबरन धर्मांतरण का संदेश देने वाली कुरान पर भारत में प्रतिबंध लगाने, लखनऊ की जेल में रासुका में बंद कमलेश तिवारी को बिना शर्त रिहा कर कमाण्डो शिक्षा देने, आजम खान और ओवैसी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और गृहमंत्री को सौंपा। प्रदर्शन में हिन्दू स्वराज्य सेना और हिन्दू महिला सभा भी शामिल हुई।
जंतर-मंतर पर दोपहर में हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री और रविन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में हिन्दू महासभा कार्यकर्ता और साधू संत एकत्र हुए और इस्लामिक आतंकवाद तथा आजम खान के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री रविन्द्र द्विवेदी ने कहा कि कुरान वैश्विक आतंकवाद की जनक हैं। कुरान में काफिर (गैर मुस्लिम) और मुशरिक (मूर्ति पूजक) पर घात लगाकर हमला करने, उन्हें लूटने और हत्या करने का संदेश मिलता है। यह संदेश विश्व शांति एवं सद्भाव के लिए सबसे बड़ा खतरा है। कुरान की ऐसी ही खतरनाक 24 आयतों पर हिन्दू महासभा दिल्ली कोर्ट में पूर्व में मुकदमा जीत चुकी है। उन्होंने भारत में कुरान पर प्रतिबंध लगाने और निर्दोष कमलेश तिवारी को अविलंब रिहा करने की मांग की।

श्री रविन्द्र द्विवेदी ने आगे कहा कि कमलेश तिवारी को समाजवादी पार्टी और मुस्लिम समाज के षडयंत्र के तहत रासुका में गिरफ्तार किया गया है। उसे हिन्दू होने की सजा दी गई है। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कमलेश तिवारी रिहा नही किया गया तो हिन्दू महासभा पूरे देश में आंदोलन करेगी। कमलेश तिवारी की फासी की मांग करने वाले देशद्रोही हैं और आईएस नामक खूंखार मुस्लिम आतंकवादी संगठन जिंदाबाद के नारे लगाते हैं । देशद्रोह के आरोप में उन अराजक तत्वों को गिरफ्तार करो।
प्रदर्शनकारियों को बाबा धर्मदास, स्वामी ओम जी महाराज, हिन्दू स्वराज्य सेना के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र भाटी, मदन लाल गुप्ता, राजा किशोर द्विवेदी, अधिवक्ता संजया शर्मा, रोहित राघव, कन्हैया लाल राय आदि अनेंक नेताओं ने संबोधित किया ।
अंत में आजम खान का पुतला फूंका गया। आजम खान को फासी दो, फासी दो के नारे के बीच पुतले को मुखाग्नि रविन्द्र द्विवेदी ने दी।
इस अवसर पर रायपुर से विकल्प सिंह नंदा, लखनऊ से आशा शुक्ला, बिहार से मंगलदास, सुश्री बीना, प्राशु जोशी, सरिता देवी, अमित सिंह पुण्डीर, अनंत शर्मा आदि उपस्थित थे ।
कुरान पर प्रतिबंध और कमलेश तिवारी की रिहाई के लिए जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन

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Monday, February 9, 2015

डॉ0  संतोष राय पर कांग्रेस के षडयंत्रों का सिलसिला अनवरत जारी- मिश्र

                       
    अखिल भारत हिन्दू महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रवादी नेता व ‘‘गोडसे’’ फिल्म के निर्माता डॉ0 संतोष राय के विरूद्ध कांग्रेस का षडयंत्रों का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार उनके उपर तमाम तरह के झूठे व फर्जी मुकदमें लाद दिया है । कर्नाटक सरकार ऐसा इसलिये कर रही है ताकि भविष्य में गोडसे फिल्म न आ सके और कांग्रेस की दुकान गांधी के नाम पर चलती रहे। डॉ0 संतोष राय की सबसे बड़े गलती यही है कि वे इतिहास की कड़वी सच्चाइयों को पूरे विश्व के समक्ष साहस के साथ ला देना चाहते हैं डाॅ0 संतोष राय के ‘‘गोडसे’’ फिल्म की सच्चाई से कांग्रेस के नायक मोहन दास करम चंद गांधी व जवाहर लाल नेहरू के छद्म देशभक्ति का मुखौटा उतर जायेगा जो अभी तक इन्होंने पहन रखा है। उपरोक्त बातें पं0 बाबा नंद किशोर मिश्र ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही। इन तथाकथित धर्म निरपेक्ष कांग्रेसियों की सबसे बड़े बिडम्बना यह है कि वे तुष्टीकरण नीति के तहत ये ढोंगी कांग्रेसी नेता हिन्दू हितों के रखवाले नेताओं के विरूद्ध दुःसाहसपूर्ण कार्यवाही के लिये वोट बैंक के लालच में किसी भी सीमा तक जाने के लिये तैयार रहते हैं चाहे मानवता की हत्या हो जाये किसी का घर-परिवार उजड़ जाये उससे इन दुष्ट नेताओं को कोई चिंता नही रहती।
                        पं0 बाबा नंद किशोर मिश्र ने कांग्रेस सरकार पर आक्रामक हमला करते हुये कहा कि कर्नाटक कांग्रेस सरकार ने डॉ0 संतोष राय को उन तिथियों में अपराध दिखाया है जिन तिथियों में वे अपराध स्थल पर थे ही नही तो फिर अपराध कैसे उन्होने कर दियाः
     1- 1 जून 2014 सुबह से 5 जून 2014 के दोपहर तक दिल्ली।
      2- 30 जून, 2014 की शाम से 10 जुलाई, 2014 की शाम तक दिल्ली।
      3-10 अगस्त, शाम 2014 से 16 अगस्त, 2014 सुबह तक दिल्ली रहे।
      4- 23-24 सितंबर, 2014 को गोरखपुर।
       5- 24 सितंबर, 2014 की शाम से 4 अक्टूबर, 2014 सुबह तक दिल्ली रहे।
      जब इन उपरोक्त तिथियों पर डॉ0  संतोष राय अपराध स्थल पर  थे ही नही फिर वे अपराध के भागीदार कैसे हो गये। इससे स्पष्ट होता है कि डॉ0 संतोष राय को जानबूझकर किसी बड़े षडयंत्र के तहत कर्नाटक की कांग्रेस सरकार फंसा रही है और राय के उपर नये-नये झूठे केस जेहादी ताकतों के इशारे पर लगाये जा रही है ताकि वो जेल से बाहर न निकल सके व उनकी गोडसे फिल्म अधर में लटक जाये।
                        आगे बाबा  पं0 बाबा नंद किशोर मिश्र ने कहा कि डॉ0  संतोष राय इतिहास के उस सच को दिखाना चाहते हैं जिसे कांग्रेसियों और वामपंथी इतिहासकारों से गलत ढंग से लिखवाकर आने वाली पीढि़यों के साथ धोखा किया था, डॉक्टर राय उस झूठ को आमूल-चूल बदल देना चाहते हैं जिस झूठ को नेहरू ने 40 साल तक दबाया था क्योंकि डॉ0 संतोष राय के फिल्म ‘गोडसे’ से गांधी और नेहरू जो कांग्रेसियों के नायक हैं पूरी तरह से बेनकाब हो जायेंगे जिनके आवरण में कांग्रेस 50 सालों से सत्ता का सुख भोग रही थी। डॉ0 राय को ऐसे समय जानबूझकर गिरफ्तार किया गया जिससे आने वाली फिल्म ‘गोडसे’ किसी भी हाल में प्रदर्शित न होने पाये ज्ञात हो कि यह फिल्म गत 30 जनवरी, 2015 को रिलीज होने वाली थी।
                        श्री पं0 नंद किशोर मिश्र ने गांधी पर हमला करते हुये कहा कि यदि मोहन दास करम चंद गांधी जी सच्चे नेता थे तो नाथूराम गोडसे जी का अदालत में दिये गये बयान को नेहरू जी ने 40 वर्ष तक प्रतिबंध क्यों लगा रखा था गोडसे का अदालत में दिये गये बयान को जनता के बीच में क्यों सार्वजनिक नही होने दिया। इससे यही जान पड़ता है कि गांधी ने ऐसी गलती अवश्य किया था जिसके कारण गोडसे जैसे वरिष्ठ पत्रकार को  गांधी वध के लिये विवश होना पड़ा। गांधी वध के तुरंत बाद गोडसे जी ने अपने को कानून के हवाले कर दिया यदि वो चाहते तो भाग भी सकते थे लेकिन स्वेच्छा से फांसी के फन्दे का वरण कर लिया।
                        श्री मिश्र ने कांग्रेस पर हमला करते हुये कहा कि ‘‘गोडसे’’ फिल्म जबसे बन रही है तब से कांग्रेस का परोक्ष रूप से फिल्म निर्माता  डाॅ0 संतोष राय पर दबाव है कि ‘‘गोडसे’’ फिल्म में पूरी तरह उलट-फेर कर दें  जिससे गांधी एक नायक के तौर पर उभरें और नाथूराम  गोडसे एक महाखलनायक के रूप में। लेकिन डॉ0  राय ने गोडसे फिल्म की पटकथा में बदलाव करने से पूरी तरह मना कर दिया जो इतिहास की कड़वी सच्चाई है वही दिखा रहे हैं यही बात कांग्रेस सरकार को अंदर ही अंदर परेशान कर दिया है।
                        पं0 बाबा नंद किशोर मिश्र ने आगे बताया कि डाॅ0 संतोष राय के साथ छलपूर्वक षडयंत्र करके कर्नाटक की कांग्रेस सरकार उनके प्राण ले सकती है या उनके साथ ऐसा कुछ किया जा सकता है जिससे डॉ0 राय अपना मानसिक संतुलन खो दें क्योंकि हिन्दू नेताओं के विरूद्ध षडयंत्र के लिये कांग्रेस कुख्यात है।  श्री मिश्र ने बताया कि इस हिन्दू महासभा के वरिष्ठ नेता डॉ0  राय के विरूद्ध ढेरों राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय षडयंत्र हो रहे हैं  श्री मिश्र ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुये कहा कि डॉ0  संतोष को जान से मारने के लिये बहुत सारी जेहादी ताकतें षडयंत्र कर रही हैं। ये जेहादी ताकतें डॉ0  संतोष राय को या तो जेल के अंदर या हमेंशा के लिये इस दुनिया से विदा करवा देना चाहती हैं।
 पं0 बाबा नंद किशोर मिश्र ने आश्चर्य व्यक्त करते हुये, पुनः अपनी बातों को दुहराते हुये कहा कि उपरोक्त तिथियों पर डॉ0 राय अपराध स्थल पर थे ही नही तो अपराध कैसे कर दिया। कर्नाटक कांग्रेस सरकार अभी भी समय है संभल जाये वर्ना पूरे देश में एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन हिंदू महासभा आरंभ करेगी जिसमें नेहरू और गांधी के काले कारनामे को पूरे देश को बताया जायेगा तब वो दिन दूर नही पूरे देश से भारत कांग्रेस मुक्त हो जायेगा।

Saturday, January 3, 2015

गोडसे फिल्‍म के विरूद्ध कांग्रेस का षडयंत्र

राजीव कुमार


                               
  एक ओर जहां सैकड़ों  वारण्ट वाले जामा मस्जिद के ईमाम बुखारी को दिल्ली पुलिस खोज नही पा रही है वहीं दूसरी ओर अखिल भारत हिन्दू महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रवादी नेता व ‘‘गोडसे’’ फिल्म के निर्माता डॉ0 संतोष राय के विरूद्ध कांग्रेस का षडयंत्र अनवरत जारी है। डॉ0 संतोष राय की सबसे बड़े गलती यही है कि वे इतिहास की कड़वी सच्चाइयों को पूरे विश्व के समक्ष साहस के साथ ला देना चाहते हैं डॉ0 संतोष राय के ‘‘गोडसे’’ फिल्म की सच्चाई से कांग्रेस के नायक मोहन दास करम चंद गांधी व जवाहर लाल नेहरू के छद्म देशभक्ति का मुखौटा उतर जायेगा जो अभी तक इन्होंने पहन रखा है। डॉ0  राय का ‘‘गोडसे’’ फिल्म लाने का  साहस कांग्रेस की दुःखती रग पर हाथ रखने जैसा है। इन तथाकथित धर्म निरपेक्ष कांग्रेसियों की सबसे बड़े बिडम्बना यह है कि वे तुष्टीकरण नीति के तहत जामा स्जिद के शाही ईमाम बुखारी को सैकड़ों वारण्ट जारी होने के बावजूद गिरफ्तार नही करना चाहते हैं वहीं ये ढोंगी कांग्रेसी नेता हिन्दू हितों के रखवाले नेताओं के विरूद्ध दुःसाहसपूर्ण कार्यवाही के लिये वोट बैंक के लालच में किसी भी सीमा तक जाने के लिये तैयार रहते हैं।

                                डॉ0 संतोष राय इतिहास के उस सच को दिखाना चाहते हैं जिसे कांग्रेसियों और वामपंथी इतिहासकारों से गलत ढंग से लिखवाकर आने वाली पीढि़यों के साथ धोखा किया थाडॉ0  राय उस झूठ को आमूल-चूल बदल देना चाहते हैं जिस झूठ को नेहरू ने 40 साल तक दबाया था क्योंकि डॉ0  संतोष राय के फिल्म गोडसे’ से गांधी और नेहरू जो कांग्रेसियों के नायक हैं पूरी तरह से बेनकाब हो जायेंगे जिनके आवरण में कांग्रेस 50 सालों से सत्ता की मलाई खा रही थी। डॉ0  राय को ऐसे समय जानबूझकर गिरफ्तार किया गया जिससे आने वाली फिल्म गोडसे’ अधर में लटक जाये जिससे ये फिल्म किसी भी हाल में भारतीय सिनेमा के रूपहले पर्दे पर न आ सके,  ज्ञात हो कि यह फिल्म आगामी 30 जनवरी, 2015 को रिलीज होने वाली थी जिससे कांग्रेसी षडयंत्र के तहत रोकने की कुचेष्टा हो रही है।

                यदि मोहन दास करम चंद गांधी जी सच्चे नेता थे तो नाथूराम गोडसे जी का अदालत में दिये गये बयान को नेहरू जी ने 40 वर्ष तक प्रतिबंध क्यों लगा रखा था गोडसे का अदालत में दिये गये बयान को जनता के बीच में क्यों सार्वजनिक नही होने दिया। इससे यही जान पड़ता है कि गांधी ने ऐसी गलती अवश्य किया था जिसके कारण गोडसे जैसे वरिष्ठ पत्रकार को  गांधी वध के लिये विवश होना पड़ा। गांधी वध के तुरंत बाद गोडसे जी ने अपने को कानून के हवाले कर दिया यदि वो चाहते तो भाग भी सकते थे लेकिन स्वेच्छा से फांसी के फन्दे का वरण कर लिया।

                                 ‘‘गोडसे’’ फिल्म जबसे बन रही है तब से कांग्रेस का परोक्ष रूप से फिल्म निर्माता  डॉ0  संतोष राय पर दबाव है कि ‘‘गोडसे’’ फिल्म में पूरी तरह उलट-फेर कर दें  जिससे गांधी एक नायक के तौर पर उभरें और नाथूराम  गोडसे एक महाखलनायक के रूप में। लेकिन डॉ0  राय ने गोडसे फिल्म की पटकथा में बदलाव करने से पूरी तरह मना कर दिया जो इतिहास की कड़वी सच्चाई है वही दिखा रहे हैं यही बात कांग्रेस सरकार को अंदर ही अंदर खाये जा रही हैउसकी गांधी और नेहरू के नाम पर 50 साल से जो दुकानदारी चल रही थी वो अब बंद हो सकती है।

 ‘‘गोडसे’’ फिल्म के निर्माता व वरिष्ठ हिन्दू महासभा के नेता डॉ0  संतोष राय को यह पहली बार कांग्रेस की कर्नाटक सरकार परेशान नही कर रही है इससे पहले भी केन्द्र में कांग्रेस समर्थित  यूपीए सरकार के दौरान सोनिया और राहुल के इशारे पर सीबीआई  उन्हें काफी परेशान कर रही थी इतना ही नही बार-बार सीबीआई के तंग करने से उन्हें गोल मार्केट का अपना कार्यालय बंद करना पड़ा लेकिन दबंग हिन्दूवादी नेता ने तत्कालीन सरकार के तोते सीबीआई के विरूद्ध सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन छेड़ दिया जिस आंदोलन को इण्डिया अगेंस्ट सीबीआई’ नाम दिया गया।

यूपीए सरकार के दौरान कांग्रेस को समर्थन देने वाले  लालूमुलायममायावती और कांग्रेस के रहमोकरम से अनेंको घोटाले करके बाहर की दुनिया में मौज कर रहे थे जिनकी मौज अब भी जारी है वहीं हिन्दुत्व व राष्ट्र के लिये काम करने वाले नेता डॉ0  संतोष राय को कांग्रेस कर्नाटक की सरकार ने जेल के सींकचों के पीछे धकेल दिया है। कर्नाटक पुलिस कह रही है डॉ0  संतोष राय ने गत 30 सितंबर को अपराध किया था जबकि डॉ0  राय उस दिन किसी प्रेस कांफ्रेंस में थे जिससे यही प्रतीत हो रहा है कि डॉ0  राय कि विरूद्ध कांग्रेसी षडयंत्र की बू आ रही है।

डॉ0  संतोष राय का प्राण लिया जा सकता है

                डॉ0 संतोष राय के साथ छलपूर्वक षडयंत्र करके कर्नाटक की कांग्रेस सरकार उनके प्राण ले सकती है या उनके साथ ऐसा कुछ किया जा सकता है जिससे डॉ0  राय अपना मानसिक संतुलन खो सकते हैं क्योंकि हिन्दू नेताओं के विरूद्ध षडयंत के लिये कांग्रेस कुख्यात है।  इस हिन्दू महासभा के वरिष्ठ नेता डॉ0 राय के विरूद्ध ढेरों राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय षडयंत्र हो रहे हैं  डॉ0 संतोष को जान से मारने के लिये बहुत सारी जेहादी ताकतें षडयंत्र कर रही हैं। ये जेहादी ताकतें डॉ0 संतोष राय को या तो जेल के अंदर या हमेंशा के लिये इस दुनिया से विदा करवा देना चाहती हैं।

क्या डॉ0  संतोष राय ने जामा मस्जिद के ईमाम बुखारी या लालू और मुलायम से भी बड़ा अपराध कर दिया है। सैकड़ों निर्दोष राम भक्तों के ऊपर गोली चलवाने वाला मुलायम सिंह आज छुट्टे सांड की तरह खुल्लम-खुल्ला घूम रहा है मगर जेहादी तत्वों के विरूद्ध लोहा लेने वाले इस हिन्दूवादी नेता डॉ0 संतोष राय को कांग्रेस सरकार ने एक षडयंत्र के तहत जेल में डाल दिया है। जब डॉ0 संतोष राय को कांग्रेस सरकार ने जेल में डाल दिया तो बुखारी को तत्कालीन कांग्रेस समर्थित यूपीए सरकार ने क्यों छोड़ दिया था जबकि उसके ऊपर सैकड़ों अपराधिक मुकदमें चल रहे हैं। कांग्रेस सरकार धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओं के विरूद्ध षडयंत्र का काम रही है यदि ऐसा ही रहा तो आने वाले समय में एक दिन पूरे देश से कांग्रेस का नामो निशान मिट जायेगा।

‘‘गोडसे’’ फिल्म का संबंध सिर्फ हिन्‍दू महासभा के नेता  डॉ0 संतोष राय से है कुछ हिन्‍दू महासभा के फर्जी नेता हिन्‍दू महासभा के नाम पर गोडसे फिल्‍म का श्रेय अवश्‍य लेना चाहते हैं।                                          


Monday, February 18, 2013

दिल्‍ली पुलिस का सबसे घिनौना-बर्बर चेहरा:बलात्कार के फर्जी आरोप में दो बेगुनाहों को फंसाया


गिरफ्तार नेताओं ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा
सुशील शिंदे की बर्खास्तगी, यासीन मलिक की गिरफ्तारी और बलात्कार कानून की आड़ में निर्दोष पुरूषों का उत्पीड़न रोकने हेतु हिन्दू महासभा ने जन्तर-मन्तर पर प्रदर्शन किया और गिरफ्तारी दी


            अखिल भारत हिन्दू महासभा दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष रविन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं ने जन्तर-मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हिन्दू आतंकवाद पर बयान देने के लिये गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को बर्खास्त करने, पाकिस्तान जाकर मोस्ट वाण्टेड आतंकवादी हाफिज सईद के साथ अफजल को फांसी के विरोध में धरना देने पर जेकेएलएफ के नेता यासीन मलिक को राष्ट्रªद्रोह के आरोप में गिरफ्तार करने, बलात्कार कानून की आड़ में निर्दोष पुरूषों का उत्पीड़न बन्द करने, दहेज उत्पीड़क का साथ देने व सुधा के साथ अन्याय के लिये सराय रोहिल्ला थाना प्रभारी को बर्खास्त करने, फर्जी बलात्कार के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद दीपक गुप्ता और अजय गुप्ता रिहा करने की ंमांग कर रहे थे। अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने थाना संसदमार्ग में अपनी गिरफ्तारी दी। बाद में प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त रिहा कर दिया गया।

प्रदर्शनकारी दोपहर 12 बजे हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में जन्तर-मंतर पर एकत्र हुये और जमकर नारेबाजी की। रविन्द्र द्विवेदी ने अपने संबोधन में गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे पर पाकिस्तान के इशारे पर हिन्दू और भगवा को आतंकवाद से जोड़कर देश के बहुसंख्यक हिन्दू समाज की देशभक्ति को अपमानित किया है। उनके बयान को आधार बताते हुये हाफिज सईद ने भारत को वैश्विक स्तर पर आतंकवादी देश घोषित करने का दुःस्साहस दिखाया। इसलिये शिंदे को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिये। कार्यवाहक अध्यक्ष ने अपने संबोधन में यासीन मलिक के पाकिस्तान में हाफिज सईद के साथ धरना देने का प्रथम दृष्टया राष्ट्रद्रोह का अपराध बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे राष्ट्रद्रोही की जगह जेल में है। उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाये।

बलात्कार के फर्जी आरोप

हिन्दू स्वराज्य सेना के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने अपने संबोधन में बलात्कार कानून की आड़ में पुरूषों के उत्पीड़न का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि बलात्कार के फर्जी आरोप की एफआईआर संख्या 3/2013 थाना मण्डावली में अजय गुप्ता और दीपक गुप्ता तिहाड़ जेल में बंद है। जिस दिन बलात्कार का आरोप लगाया गया है, उस दिन मुख्य आरोपी दीपक गुप्ता संत कबीर नगर उ0प्र0 में एक शादी में शामिल में था। शादी की सीडी और तस्वीरें पुलिस मुख्यालय और डीसीपी, पूर्वी दिल्ली को सौंपा गया, लेकिन पुलिस ने बिना जांच कराये ही उसकी प्रमाणिकता से इंकार किया। उन्होंने तत्काल दोनों को तिहाड़ से रिहा करने की मांग की। जो लड़की आरोप लगा रही है वो परोक्ष रूप से 15 लाख रूपये की मांग कर रही है व उसका चरित्र भी ठीक नही है। पुलिस आज तक झूठे बलात्कार की मेडिकल रिपोर्ट नही प्रस्तुत कर पायी। लड़की के साथ जब रेप हुआ तो उसने थाने में प्राथमिकी क्यों दर्ज नही करवायी। लड़की का कहना है कि बलात्कार की सीडी भी बनायी  गयी है तो पुलिस आरोपियों से बलात्कार की सीडी क्यों नही बरामद कर पायी।

सराय रोहिल्ला थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग

दहेज उत्पीड़न की शिकार सुधा कुमारी को आज तक न्याय नही मिल पाया। ऐसा इसलिये क्योंकि सराह रोहिल्ला का थाना प्रभारी दहेज उत्पीड़क व अभियुक्त दिनेश कुमार से मिली हुयी है जिसे जानबूझकर पुलिस गिरफ्तार नही कर रही है। सुधा कुमारी के पति दिनेश कुमार पुत्र बंगाली बाबू, निवासी सराह रोहिल्ला को तीस हजारी न्यायाल य और कड़कड़डूमा न्यायालय से तीन बार गिरफ्तार कर अदालत में प्रस्तुत करने का न्यायिक आदेश जारी किया जा चुका है। सराह रोहिल्ला का थाना प्रभारी दिनेश कुमार को गिरफ्तार नही कर रही है। दिनेश के पिता बंगाली बाबू द्वारा सन् 2004 में समाचार पत्र में प्रकाशित उस पब्लिक नोटिस को आधार बना रही है, जिसमें अभियुक्त दिनेश कुमार को संपत्ति से बेदखल करने का हवाला छपा है।

बंगाली बाबू ने सन् 2008 में अपने बेटे अभियुक्त दिनेश कुमार की बिना तलाक दिलाये दूसरी शादी की और उस शादी में शामिल हुआ। बेटे की दूसरी बहू को बेटे सहित अपने घर में रखा। अगर दिनेश कुमार से सन् 2004 में उसके पिता ने सारे रिश्ते समाप्त कर दिये थे तो सन् 2008 में उसकी शादी में शरीक होना और दूसरी बहू को अपने घर में रखना प्रमाणित करता है कि सन् 2004 में संपत्ति से बेदखल करने का पब्लिक नोटिस छपवाना महज एक नाटक था। पुलिस बंगाली बाबू पर दबाव बना सख्ती से पेश आये तो अभियुक्त दिनेश कुमार को गिरफ्तार किया जा सकता है।

अभियुक्त दिनेश कुमार को गिरफ्तार करने एवं दोषी पुलिसकर्मियों को विधि-सम्मत दण्डित करने की मांग पर 3 जनवरी, 2013 को पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन कर पुलिस आयुक्त को संबोधित ज्ञापन भी दिया गया। दुर्भाग्यवश पुलिस मुख्यालय अपना आश्वासन पूरा करने में असफल रहा जिस कारण पुनः हिन्दू महासभा को बार-बार प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

वक्ताओं ने जंतर-मंतर पर थाना बुराड़ी व सराय रोहिल्ला के थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की। थाना बुराड़ी पर सन् 2010 से गायब ममता और उसके परिवार के आरोपियों को बचाने और अपहरण की प्राथमिकता दर्ज न करने का आरोप लगाया गया है। वक्ताओं ने कहा कि यह दिल्ली पुलिस का यह अमानवीय चेहरा है, जो प्रभावितों को न्याय की हत्या को बढ़ावा देता है। ऐसे पुलिस अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नही जाना चाहिये और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिये।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में थाना संसद मार्ग में गिरफ्तारी दी। गिरफ्तार नेताओं का एक प्रतिनिधि मण्डल प्रधानमंत्री कार्यालय गया और अपनी मांगों का ज्ञापन भी दिया। प्रतिनिधि मण्डल में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के प्रतिनिधि शामिल थे। गिरफ्तारी देने वालों में रमेश बाल्मीकि, विजय बहादुर सिंह संेगर, कन्हैया लाल राय, अशोक गिरी, रजनी सक्सेना, अधिवक्ता संजय चैधरी, सुरेश कुमार, मूलचंद्र, सुशील कुमार सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।

Monday, January 7, 2013

पुलिस आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर हिन्दू महासभा ने किया पुलिस मुख्यालय पर प्रचण्ड प्रदर्शन

पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से इस्तीफा मांगते हुये अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री बाबा पं0 नंद किशोर मिश्र के सान्निध्य और दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष रविन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय पर प्रचण्ड प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी दोपहर एक बजे पुलिस मुख्यालय पर एकत्र हुये और रविन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुये रविन्द्र द्विवेदी ने कहा कि दामिनी बलात्कार काण्ड के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस का बर्बर अत्याचार और दिल्ली को देश का बलात्कार के मामले में अव्वल राज्य घोषित करना बेहद शर्मनाक है। दिल्ली में कानून व्यवस्था चरमरा गयी है जिसके लिये पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। इस जिम्मेदारी के आधार पर उन्होने पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से इस्तीफा मांगा। रविन्द्र द्विवेदी ने थाना सराय रोहिल्ला पर न्यायिक आदेश की अवमानना करने का आरोप लगया और दोषी पुलिसकर्मियों को दण्डित करने की मांग की। उन्होने कहा कि तीस हजारी न्यायालय और कड़कड़डूमा न्यायालय से तीन बार अभियुक्त दिनेश कुमार को गिरफ्तार करने का न्यायिक आदेश जारी हुआ जिसका पालन करने में स्थानीय पुलिस असफल रही, जो न्याय की हत्या है। उन्होने कहा कि पुलिस अभियुक्त दिनेश कुमार को बचाने में अपनी वर्दी की ताकत का इस्तेमाल कर रही है। उन्होने अभियुक्त दिनेश कुमार को तत्काल गिरफ्तार कर उसकी पत्नी सुधा कुमारी को न्याय दिलाने की मांग की। हिन्दू महासभा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील मिश्र ने अपने संबोधन में बुराड़ी थाना का मामला उठाते हुये कहा कि जनवरी 2010 से लापता ममता और उसके परिवार का पता लगाने और एफआईआर दर्ज करने से संबंधित कई बार ज्ञापन दिया गया। पुलिस एफआईआर दर्ज नही कर रही और न ही लापता परिवार की तलाश करने में रूचि ले रही है। उन्होने तत्काल मामले की एफआईआर दर्ज कर ममता और उसके परिवार का पता लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों को हिन्दू महासभा उत्तर भारत के विधि परामर्शदाता अधिवक्ता संजया शर्मा, दिल्ली प्रदेश के प्रभारी स्वामी जयनाथ औघड़वीर, वरिष्ठ प्रदेश महामंत्री रोहित राघव, प्रदेश महामंत्री दर्शन शेर सिंह भल्ला, प्रदेश संगठन मंत्री अधिवक्ता संजय चौधरी, हिन्दू स्वराज्य सेना के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र भाटी, ऑल इण्डिया क्राइम हाई लाइटिंग एण्ड सोशल वेलफेयर आर्गनाइजेशन के अध्यक्ष अधिवक्ता शिव कुमार खिच्ची, जनता की आवाज के अध्यक्ष कवि श्याम बनारसी सहित अनेंक वक्ताओं ने संबोधित किया और थाना सराय रोहिल्ला के प्रभारी को बर्खास्त करने और पुलिस आयुक्त से इस्तीफे की मांग की आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री पं0 नंद किशोर मिश्र के नेतृत्व में पुलिस मुख्यालय को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उपरोक्त मांगों के अलावा थाना तिमारपुर पर हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न रोकने और महासभा नेता कन्हैया लाल राय और मदन लाल गुप्ता पर बनाये फर्जी मामले वापस लेने तथा थाना बिंदापुर के हेड कांस्टेबल महेंद्र के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की गयी। प्रतिनिधि मंडल में अधिवक्ता संजया शर्मा, जयनाथ औघड़ वीर, अधिवक्ता संजय चौधरी और श्रीमती सुधा कुमारी शामिल थे। प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस मुख्यालय को चेतावनी देते हुये कहा कि एक सप्ताह में समस्त मांगे नही मानी जाती तो हिन्दू महासभा अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन तेज करेगी। प्रदर्शन में हिन्दू संत सभा के प्रचारक बाबा विजय बहादुर सिंह सेगर, रमेश बाल्मीकि, श्रीमती गुरमीत कौर, श्रीमती सुधा कुमारी, उ0प्र0 हिन्दू महासभा के वरिष्ठ नेता ओंकार नाथ उपाध्याय सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया।

Saturday, December 17, 2011

पाकिस्‍तान से आये हिन्‍दुओं पर टूटा माया के गुण्‍डों का कहर

माया का गुण्डाराजः

राजीव कुमार
गत माह पाकिस्तान से आये हुये कुल 151 हिन्दुओं को दिल्ली पुलिस को सूचना देकर गाजियाबाद के एक मंदिर में ले जाकर पुर्नस्थापित किया जा रहा था। इसके लिये उ0प्र0 के पुलिस को पहले से ही सूचित भी कर दिया गया था। मगर अर्धरात्रि में मायावती के मुगलिया फरमान पर यू0पी0 पुलिस ने उन पिछड़े, दलित हिन्दुओं पर जो अति बर्बर, अति जघन्यतम कार्रवायी की उसकी जितनी भी निंदा की जाये कम है। इतना ही नही आधी रात को पुलिस उन सब पर निर्दयतापूर्वक टूट पड़ी, उनके सारे मोबाइल फोन आदि छीन लिये और उन्हें एक गाड़ी में भरकर अक्षरधाम नेशनल हाइवे पर कड़कड़ाती सर्दी में छोड़कर चले गये। इन पुलिस अधिकारियों को उनके महिलाओं और छोटे-छोटे बच्चों पर जरा भी दया नही आयी कि ये खुले आसमान में कैसे रात गुजारेंगे।
ज्ञात रहे कि ये वही पाकिस्तानी हिन्दू थे जो पिछले कयी महीने से दिल्ली के मजनूटीले पर शरण लिये हुये थे। ये पाकिस्तान से वीसा पर हिन्दू तीर्थस्थलों पर भ्रमण के लिये आये हुये थे और पाकिस्तान नही जाना चाहते थे। क्योंकि पाकिस्तान में इस्लामी मुस्लिम गुण्डे आये दिन इनसे जजिया कर मांगा करते थे, इनके मां-बहन और बेटियों के अस्मत से भी खिलवाड़ करते थे। इनके कयी रिश्तेदारों को तालिबानी गुण्डों ने बेरहमी से कत्ल कर दिया था।
अर्ध रात्रि में इन पाकिस्तानी हिन्दुओं के साथ अमानवीय कार्रवायी पर अखिल भारत हिन्दू महासभा के वरिष्ठ नेता डॉ0 संतोष राय ने उ0प्र0 सरकार के गृहसचिव कुंवर फतेह बहादुर सिंह से बातचीत की तो उन्होंने आधे घंटे का समय मांगा और मदद का आश्वासन दिया। मगर कुछ समय बाद उन्होंने पाकिस्तानी हिन्दुओं के प्रति अपनी संवेदना जताते हुये कहा कि हमें मैडम माया ने डांटा कि विधानसभा का चुनाव है, हम इस वक्त कुछ भी मदद नही कर सकते, हम इनकी चाहकर भी मदद न करने पर मजबूर हैं।
ये पाकिस्तानी हिन्दू पाकिस्तान से लूटपिट कर, वहां के बर्बर अत्याचर से मुक्ति की आस से यहां आये थे कि उनकी मातृभूमि भारत में उन्हें शरण मिलेगी मगर इनके साथ मैडम मायावती ने जो अमानवीय, जघन्यतम व्यवहार कराया वो कभी नही भूलाया जा सकता। ज्ञात रहे कि ये पाकिस्तानी हिन्दू दलित और पिछड़े समुदाय से हैं। हिन्दू महासभा ने इस घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुये कहा कि मायावती दलितों और पिछड़ों की घोर विरोधी है। गाजियाबाद के एसपी सिटी ने भी कहा कि इन पाकिस्तानी हिन्दुओं की मदद तो हम भी करना चाहते हैं मगर मुख्यमंत्री मायावती के आदेश के आगे हम कुछ नही कर सकते। यही नही गाजियाबाद पुलिस ने हिन्दू महासभा के नेताओं को धमकाते हुये कहा कि यदि इन हिन्दुओं को यहां से भगाने में आपसब लोगों ने व्यवधान डाला तो आप सबके उपर मुकदमा चलाया जायेगा।
एक उच्चाधिकारी ने अपना नाम छिपाते हुये कहा कि यदि ये मुस्लिम मजहब के होते तो माया हो या मुलायम या मैडम सोनिया सबके आंखों के ये तारे हो जाते। इन्हें यहां बसाया भी जाता और यहां की नागरिकता भी प्रदान की जाती जैसे कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बांग्लादेशी मुसलमानों के साथ किया था।